आमिर खान की फ़िल्म का नाम" थ्री इडियट्स "
कौन? शाहरुख़,सलमान और सैफ
अक्षय की नई फ़िल्म "ब्लू"
"सिंह इस किंग" का यह हाल वैसे भी "कमबख्त इश्क" के बाद" ब्लू "फ़िल्म ही बन सकती हैं !
अमरीका में तीन भारतीय जुआ खेलते पकड़े गए
"कमीने""न्यूयार्क" में "दोस्ताना"दिखा रहे थे !
हरमन की नई फ़िल्म "व्हाट्स यौर राशिः "
भाई ऐसी फ़िल्म करोगे तो "२०५०" में ही "विक्टरी" मिलेगी !
नील नितिन मुकेश की" जेल"
बहुत जल्दी तरक्की हो रही हैं "जोह्नी गद्दार ""न्यूयार्क" के बाद "आ देखे ज़रा" "जेल "
शाहरुख़ की "माय नेम इज खान "
अच्छा होता अगर माय नेम इज बच्चन होती !
Tuesday, October 6, 2009
राज ठाकरे का मुंबई
फ़िल्म "वेक उप सिद "के लिए जिस तरह मशहूर निर्देशक "करण जौहर " ने मान्यवर" राज ठाकरे" से माफ़ी मांगी उसे देखकर तो ऐसा लगता हैं की राज ठाकरे हमारे देश के कानून से भी बड़े हैं ,करण जौहर की इस फ़िल्म में "मुंबई" को कई जगह "बम्बई" कहा गया हैं क्या इस बात से कुछ फर्क पड़ता हैं? सिर्फ़ इतना की राज ठाकरे जैसे लोगो की वजह से फ़िल्म को मुंबई और महाराष्ट्र में प्रर्दशित नही होने दिया जाता |
क्या मुंबई राज जी की हैं ?क्या करण ने राज से माफ़ी मांगकर नया ड्रामा तो नही किया? करण यह अच्छी तरह से जानते हैं की अपनी फ़िल्म को कैसे बेचना हैं कुछ पैसो की खातिर इस तरह की हरकत कर उन्होंने ना सिर्फ़ पब्लिसिटी बटोरी बल्कि फ़िल्म को न्यूज़ में भी ला दिया|
ऐसा ही कुछ अभी कुछ दिन पहले शाहरुख़ खान ने भी अपनी करण की ही फ़िल्म "माय नेम इज खान" के लिए भी किया था जब उन्होंने अमरीका में अपना नाम पूछे जाने पर "माय नेम इज खान "कहकर विवाद पैदा कर दिया था
शिक्षा -"बदनाम होंगे तो क्या नाम नही होगा ".......................
क्या मुंबई राज जी की हैं ?क्या करण ने राज से माफ़ी मांगकर नया ड्रामा तो नही किया? करण यह अच्छी तरह से जानते हैं की अपनी फ़िल्म को कैसे बेचना हैं कुछ पैसो की खातिर इस तरह की हरकत कर उन्होंने ना सिर्फ़ पब्लिसिटी बटोरी बल्कि फ़िल्म को न्यूज़ में भी ला दिया|
ऐसा ही कुछ अभी कुछ दिन पहले शाहरुख़ खान ने भी अपनी करण की ही फ़िल्म "माय नेम इज खान" के लिए भी किया था जब उन्होंने अमरीका में अपना नाम पूछे जाने पर "माय नेम इज खान "कहकर विवाद पैदा कर दिया था
शिक्षा -"बदनाम होंगे तो क्या नाम नही होगा ".......................
यहाँ खुदा वहां खुदा
राजधानी दिल्ली की किसी भी सड़क से गुजरो वहां आपको कुछ न कुछ काम होता हुआ नज़र आएगा |कही मेट्रो ट्रेन की वजह से, तो कही कौमन्वैल्थ गेम्स की वजह से, दिल्ली जबरदस्त तरीके से रात दिन बदलने की और अग्रसर हैं
लगता हैं दिल्ली अब विदेश के बड़े शहरों से मुकाबला करने वाली हैं परन्तु इन सब के चलते आम आदमी को कितना सफर करना पढता हैं यह तो बेचारा वही जानता हैं ऐसे में अक्सर यह शेर याद आ जाता हैं|
यहाँ खुदा वहां खुदा,यहाँ खुदा वहां खुदा .........जहाँ नही खुदा,वहां काम चल रहाँ हैं|
लगता हैं दिल्ली अब विदेश के बड़े शहरों से मुकाबला करने वाली हैं परन्तु इन सब के चलते आम आदमी को कितना सफर करना पढता हैं यह तो बेचारा वही जानता हैं ऐसे में अक्सर यह शेर याद आ जाता हैं|
यहाँ खुदा वहां खुदा,यहाँ खुदा वहां खुदा .........जहाँ नही खुदा,वहां काम चल रहाँ हैं|
Sunday, October 4, 2009
कांग्रेस का देश प्रेम
गाँधी जयंती के दिन जिस तरह से कुछ कांग्रेस सांसदों ने आलाकमान के आदेश पर दलितों के घर पर एक दिन बिताने का नाटक किया उसे देखकर तो अवश्य ही हमारे पूज्य बापू जी की आत्मा को कष्ट पहुँचा होगा सोनिया जी यह भूल गई की भले ही इस तरह की आदेशो का फरमान जरी कर उन्होंने एक अच्छा प्रयास किया था परन्तु इस तरह का उंच दर्जे का व्यावार करना उनके विदेशी होने की वजह से तो काबिलेतारीफ हैं पर हमारे भारतीय सांसदों हेतु यह करना निहायत ही बचकाना प्रयास साबित हुआ हैं इससे अच्छा तो यह होता की वह स्वयं दलितों को एक दिन अपने सांसदों के साथ बिताने का आदेश जारी करती जिससे उन दलितों को कुछ समय ही सही सांसदों जैसी ज़िन्दगी जीने का व मौज करने का मौका मिल जाता
Thursday, October 1, 2009
सिक्के के दो पहलु
हर सिक्के के दो पहलु होते हैं |दोनों पहलुओ को मिलकर ही उसका मूल्य बनता हैं |यहाँ तीन व्यक्तियो के बारे में कुछ तथ्य हैं,जो सिक्के का एक ही पहलु हैं |इसके आधार पर बताईये की आप तीनो में से किसे विश्व नेता चुनना चाहेंगे|
उम्मीदवार अ).भ्रष्ट नेताओ से जुडा हुआ हैं|काम करने से पहले ज्योतिषियो से राय लेता हैं |उसकी दो रखैले हैं |वह चैन स्मोकर हैं और दिन में आठ दस पैग पी जाता हैं |
उम्मीदवार बी.)उसे दो बार ऑफिस से निकाला जा चुका हैं |दोपहर तक सोता हैं|कॉलेज के ज़माने में अफीम का नशा करता था और हर शाम एक बोतल व्हिस्की पी जाता हैं|
उम्मीदवार स.) वह शाकाहारी हैं |कभी सिगरेट नही पीता|कभी कभार बीअर पी लेता हैं|महत्वाकांक्षी हैं |उसके कोई विवाहेत्तर सम्बन्ध नही हैं|
बताइए आप किसे अपनी दुनिया का नेता चुनना चाहेंगे |
अब देखें की वे तीनो उम्मीदवार कौन हैं|यह सिक्के का दूसरा पहलु हैं |
अ.)फ्रैंकलिन डी रूज़वेल्ट हैं |जो चार बार अमरीका के राष्ट्रपति रहे और उन्होंने महामंदी और द्वितीय विश्वयुद्ध के समय देश का नेतृत्व किया|
बी.)विंस्टन चर्चिल हैं |जो दो बार ब्रिटेन के प्रधानमंत्री रहे और उन्हें साहित्य के लिए नोबल पुरस्कार भी मिला था |
स.)अडोल्फ़ हिटलर हैं |जिसे दुनिया मानवता का हत्यारा मानती हैं |
शिक्षा -किसी बात के दोनों पहलुओ को जानकर ही फ़ैसला किया करे
उम्मीदवार अ).भ्रष्ट नेताओ से जुडा हुआ हैं|काम करने से पहले ज्योतिषियो से राय लेता हैं |उसकी दो रखैले हैं |वह चैन स्मोकर हैं और दिन में आठ दस पैग पी जाता हैं |
उम्मीदवार बी.)उसे दो बार ऑफिस से निकाला जा चुका हैं |दोपहर तक सोता हैं|कॉलेज के ज़माने में अफीम का नशा करता था और हर शाम एक बोतल व्हिस्की पी जाता हैं|
उम्मीदवार स.) वह शाकाहारी हैं |कभी सिगरेट नही पीता|कभी कभार बीअर पी लेता हैं|महत्वाकांक्षी हैं |उसके कोई विवाहेत्तर सम्बन्ध नही हैं|
बताइए आप किसे अपनी दुनिया का नेता चुनना चाहेंगे |
अब देखें की वे तीनो उम्मीदवार कौन हैं|यह सिक्के का दूसरा पहलु हैं |
अ.)फ्रैंकलिन डी रूज़वेल्ट हैं |जो चार बार अमरीका के राष्ट्रपति रहे और उन्होंने महामंदी और द्वितीय विश्वयुद्ध के समय देश का नेतृत्व किया|
बी.)विंस्टन चर्चिल हैं |जो दो बार ब्रिटेन के प्रधानमंत्री रहे और उन्हें साहित्य के लिए नोबल पुरस्कार भी मिला था |
स.)अडोल्फ़ हिटलर हैं |जिसे दुनिया मानवता का हत्यारा मानती हैं |
शिक्षा -किसी बात के दोनों पहलुओ को जानकर ही फ़ैसला किया करे
Tuesday, September 29, 2009
कुछ तो कहने दो
दिन भर की भागदौड़ से समय निकलकर जब कभी कुछ कहना चाहो तो इस खिड़की के सामने आ जाना और जी भर के अपनी भडास लिखाई के रूप में कह जाना, इस बात से बिल्कुल मत घबराना की दुनिया तुम्हे कुछ कहेगी कोई कुछ भी कहे पर तुम बिल्कुल मत शर्माना बस अपनी बकबक, झकझक जी भर के यहाँ उडेल जाना कोई पढ़े ना पढ़े कोई देखे ना देखे बस अपनी भडास निकाल जाना क्यूंकि तुम जो कुछ भी लिखोगे कोई पढ़े ना पढ़े मैं अवश्य पढूंगा क्यूंकि मैं जानता हूँ की तुम कितने काबिल हो ,कितने काम के हो ,इस पुरी दुनिया के लिए कितने ज़रूरी होतुम्हारा दोस्त ..........
एक दोस्त का सभी दोस्तों को पैगाम ..............
एक दोस्त का सभी दोस्तों को पैगाम ..............
Monday, September 28, 2009
जो तुम साथ नही
जो तुम अगर मेरे साथ नही
इस ज़िन्दगी का सफर नही
खुले आसमा के निचे रहेंगे
चाहेंगे फ़िर एक घर नही
तन्हाई की राते कटेगी कैसे
होगी जब कभी सहर नही
जो तेरे दिल पे सीधी उतरे
मेरे पास ऐसी नज़र नही
रोक सके जो दिल परिंदे को
तेरी दुआओं में वो असर नही
ज़िन्दगी के बढते कारवा को
अब तो मौत का भी डर नही ...........
इस ज़िन्दगी का सफर नही
खुले आसमा के निचे रहेंगे
चाहेंगे फ़िर एक घर नही
तन्हाई की राते कटेगी कैसे
होगी जब कभी सहर नही
जो तेरे दिल पे सीधी उतरे
मेरे पास ऐसी नज़र नही
रोक सके जो दिल परिंदे को
तेरी दुआओं में वो असर नही
ज़िन्दगी के बढते कारवा को
अब तो मौत का भी डर नही ...........
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